किरती कुल्हाड़ी ने मां का किरदार निभाने से की हिचकिचाहट, वजह जानकर होंगे चौंक गए?
किर्ती कुल्हाड़ी, जो अपनी बहुमुखी अभिनय कला के लिए जानी जाती हैं, ने हाल ही में मां का किरदार निभाने को लेकर अपनी हिचकिचाहट जाहिर की है। उन्होंने बताया कि इस भूमिका की गहराई को समझना और उसे निभाना उनके लिए एक चुनौती से कम नहीं था।
किर्ती ने कहा कि मां के किरदार में emअपार जिम्मेदारी और संवेदनशीलता होती है, जिसे सहजता से प्रस्तुत करना आसान नहीं है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अपने असली जीवन के अनुभवों और भावनाओं को पर्दे पर लाना एक कठिन प्रक्रिया है।
क्यों हुई हिचकिचाहट?
- भावनात्मक बोझ: किरती ने महसूस किया कि मां के किरदार का भावनात्मक बोझ बहुत भारी होता है।
- जिम्मेदारी: इस भूमिका से जुड़ी जिम्मेदारी उन्हें संघर्षपूर्ण लगी।
- असली अनुभवों से जुड़ाव: अपनी वास्तविक जिंदगी के अनुभवों को इस भूमिका में न्यायसंगत तरीके से डालना चुनौतीपूर्ण था।
किर्ती की प्रतिक्रिया
हालाँकि, किरती ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे उन्होंने इस किरदार को समझना शुरू किया, उनकी हिचकिचाहट धीरे-धीरे कम होती गई और उन्होंने इसे अपनाने का फैसला किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक व्यक्तिगत और पेशेवर वृद्धि का अवसर था।
किर्ती कुल्हाड़ी की यह हिचकिचाहट और उससे निपटने का तरीका दर्शकों को दिखाता है कि अभिनय की दुनिया में भी कलाकारों को अपनी भूमिकाओं के प्रति गहरा सम्मान और समझ रखने की आवश्यकता होती है।