रानी मुखर्जी ने की अपने गर्भपात की बात, ‘मिसेज़ चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ ने दिया भावनात्मक मजबूती का सहारा

रानी मुखर्जी ने हाल ही में अपने निजी जीवन के एक संवेदनशील पहलू के बारे में खुलासा किया है। उन्होंने अपने गर्भपात के अनुभव को साझा किया, जो उनके लिए एक भावनात्मक चुनौती साबित हुआ। इस कठिन समय में उन्हें उनकी फिल्म ‘मिसेज़ चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ ने मजबूती और सहारा दिया।

रानी मुखर्जी का खुलासा

रानी मुखर्जी ने स्वीकार किया कि गर्भपात का अनुभव उनके लिए न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद कठिन था। उन्होंने बताया कि इस अनुभव ने उन्हें जीवन के बारे में एक नई समझ दी और भावनात्मक रूप से उन्हें मजबूत बनाया।

फिल्म ने दिया सहारा

उन्होंने अपनी फिल्म ‘मिसेज़ चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ को अहम बताया, जिसने इस दुखद घटना के दौरान उन्हें होती भावनात्मक मजबूती दी। इस फिल्म की भूमिका ने उन्हें अपने अनुभव से निपटने और आगे बढ़ने में सहायता की।

भावनात्मक मजबूती के स्रोत

  • समझ और सहानुभूति: फिल्म की कहानी और किरदारों ने उन्हें आत्मीय समझ और सहानुभूति महसूस कराई।
  • मनोरंजन का माध्यम: अभिनय और फिल्मांकन ने उन्हें मानसिक रूप से स्थिर रहने में मदद की।
  • सशक्त संदेश: फिल्म ने महिलाओं की संघर्षों को दर्शाकर उन्हें प्रेरणा दी।

रानी मुखर्जी के इस खुलासे से पता चलता है कि कैसे कला और जीवन के अनुभव एक-दूसरे के सहारे बन सकते हैं, और कैसे मुश्किल हालात में भी हम मजबूत बने रह सकते हैं।

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