आदिवि सेश ने खोली इंडस्ट्री की अनकही बातें: नेपोटिज्म और पहचान की जद्दोजहद
आदिवि सेश ने हाल ही में इंडस्ट्री की कुछ महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने नेपोटिज्म और पहचान की जद्दोजहद जैसी चुनौतियों को उजागर किया, जो इंडस्ट्री में कलाकारों को सामना करना पड़ता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में केवल टैलेंट ही काफी नहीं होता, बल्कि पहचान बनाने के लिए कई बार व्यक्तिगत संघर्ष भी जरूरी होता है। नेपोटिज्म के कारण नए प्रतिभागियों के लिए रास्ता बनाना मुश्किल हो जाता है, जिससे इंडस्ट्री में समान अवसर नहीं मिल पाते।
आदिवि ने यह भी बताया कि कैसे उन्होंने खुद इस चुनौती का सामना किया और अपने प्रयासों से अपनी जगह बनाई। उनका मानना है कि अगर टैलेंट और मेहनत सही दिशा में जाएं, तो अंततः सफलता मिलती ही है।
नेपोटिज्म और पहचान की जद्दोजहद के पहलू
- नेपोटिज्म: परिवार या परिचितों को प्राथमिकता मिलना, जिससे नए कलाकारों को अवसर कम मिलते हैं।
- पहचान बनाना: बिना किसी कनेक्शन के अपनी कला और मेहनत से आकर्षक बनाना चुनौतीपूर्ण होता है।
- संघर्ष: लगातार काम करने और सही मौके की तलाश में समय और ऊर्जा बहुत लगती है।
साथ ही आदिवि सेश ने इंडस्ट्री में पारदर्शिता और समान अवसरों की जरूरत पर जोर दिया, ताकि टैलेंटेड कलाकारों को बिना किसी भेदभाव के मौका मिले। उनकी बातों से यह स्पष्ट होता है कि इंडस्ट्री में बदलाव की काफी गुंजाइश है और यह केवल एक कलाकार की आवाज़ ही नहीं, बल्कि कईयों की कहानी दर्शाती है।