शेफালি शाह ने बॉलीवुड के जेंडर नॉर्म्स और एजिज़्म पर खोला दिल, क्या बदल पाएगी ये सोच?
शेफाली शाह ने हाल ही में बॉलीवुड के जेंडर नॉर्म्स और एजिज़्म (वर्तमान में बढ़ती आयु से जुड़ी पूर्वाग्रह) पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने इस उद्योग में महिलाओं और बड़े आयु वर्ग के कलाकारों को लेकर मौजूद रूढ़ियों पर सवाल उठाए हैं।
बॉलीवुड में जेंडर नॉर्म्स की स्थिति
शेफाली शाह ने बताया कि बॉलीवुड में महिलाओं के लिए कुछ सीमाएं बनायीं जाती हैं, खासकर उनके किरदारों और अवसरों को लेकर। उनकी मानना है कि ज्यादातर पटकथा महिलाएं या तो पारंपरिक भूमिकाओं तक सीमित रखती हैं या उन्हें युवाओं के हिसाब से टॉलीवुड करती हैं।
एजिज़्म और इसका प्रभाव
उनका कहना है कि उम्र के आधार पर कलाकारों के साथ भेदभाव होता है, विशेषकर महिलाओं के मामले में। बड़ी उम्र की अभिनेत्रियां अक्सर समझदार या महत्वपूर्ण किरदारों से वंचित रह जाती हैं। इस एजिज़्म की वजह से टैलेंटेड कलाकारों को अपेक्षित अवसर नहीं मिल पाते।
उद्योग में बदलाव की आवश्यकता
शेफाली शाह ने जोर देकर कहा कि बॉलीवुड को इस सोच में बदलाव लाना होगा ताकि सभी आयु वर्ग के कलाकारों को समान अवसर मिल सकें। इसके लिए आवश्यक है कि कहानियों और किरदारों को विविधता और यथार्थ के अनुसार लिखा जाए, और सिर्फ पारंपरिक मानकों के अनुसार काम न हो।
संक्षेप में
- जेंडर नॉर्म्स और एजिज़्म बॉलीवुड में मौजूद बड़ी चुनौतियां हैं।
- महिलाओं और उम्रदराज कलाकारों के लिए अवसरों की कमी इस समस्या का मुख्य कारण है।
- शेफाली शाह की आवाज़ इस मुद्दे पर सोच बदलने की दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकती है।
- बॉलीवुड को सुचारू और निष्पक्ष बदलाव लागू करना आवश्यक है ताकि सभी को समान मंच मिले।