अभिषेक बनर्जी ने खोला बॉलीवुड के कास्टिंग काउच का सच, MeToo के बाद क्या बदला?
अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में बॉलीवुड के कास्टिंग काउच की वास्तविकता पर खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि यह समस्या लंबे समय से इंडस्ट्री में मौजूद है और MeToo मूवमेंट के बाद भी इसमें बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आया है।
कास्टिंग काउच का सच
अभिषेक ने कहा कि कई कलाकारों को उनके करियर में आगे बढ़ने के लिए असलियत से जूझना पड़ता है। यह केवल व्यक्तिगत अनुभव ही नहीं बल्कि कई लोगों की साझा कहानी भी है। कास्टिंग काउच एक ऐसा मुद्दा है जिसे बॉलीवुड में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
MeToo आंदोलन के बाद बदलाव
MeToo मूवमेंट ने बॉलीवुड में इस समस्या को उजागर किया, लेकिन उसके बाद भी स्थिति पूरी तरह से नहीं बदली। कुछ बेहतर नीतियां और सुरक्षा उपाय तो लागू हुए हैं, लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है। अभिषेक का मानना है कि
- सच बोलने वाले कलाकारों को समर्थन मिलना चाहिए।
- इंडस्ट्री को एक पारदर्शी और सुरक्षित माहौल बनाना होगा।
- अनुचित व्यवहार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
आगे क्या चाहिए?
बॉलीवुड में बदलाव के लिए ज़रूरी है कि
- लोग अपने अनुभव खुलकर साझा करें।
- फिल्म निर्माताओं और कास्टिंग एजेंट्स जवाबदेह हों।
- स्वतंत्र निगरानी संस्थाएं बनाई जाएं।
अभिषेक बनर्जी के इन विचारों से यह स्पष्ट होता है कि बॉलीवुड में कास्टिंग काउच जैसे मुद्दों पर खुलकर बात करना और सुधार लाना कितना जरूरी है। MeToo के बाद भी इस दिशा में और प्रयासों की जरूरत है।