कमी बजट में बनी फिल्म ‘मायासभा’ ने तोड़ा बॉलीवुड का मिथक, निर्देशक बोले- बिना इंडस्ट्री सपोर्ट भी संभव है सफर
कम बजट में बनी फिल्म ‘मायासभा’ ने बॉलीवुड के उस पुराने मिथक को तोड़ा है, जिसमें यह माना जाता था कि बिना बड़े उद्योगपति या इंडस्ट्री के सपोर्ट के कोई फिल्म सफल नहीं हो सकती। इस फिल्म के निर्देशक ने इस सफलता को यह साबित करते हुए कहा है कि सफलता के लिए सिर्फ अच्छा कंटेंट और मेहनत ही काफी है।
फिल्म ‘मायासभा’ ने दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त की है, जिससे यह साबित होता है कि कम बजट और आत्मनिर्भर तरीके से भी बेहतरीन फिल्में बनाई जा सकती हैं।
निर्देशक के विचार
फिल्म के निर्देशक ने अपने विचार साझा करते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें बताईं:
- सपोर्ट सिस्टम जरूरी नहीं: इंडस्ट्री के बड़े नाम या फाइनेंशियल बेकिंग के बिना भी फिल्म बनाने और चलाने का रास्ता मौजूद है।
- कंटेंट पर फोकस: दर्शकों को ऐसी कहानी पसंद आती है जो उनके दिल को छू जाए, इसलिए कहानी की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए।
- मेहनत और समर्पण: फिल्म मेकिंग में दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत से ही सफलता मिलती है।
‘मायासभा’ की खासियतें
- कम बजट में भी उच्च गुणवत्ता वाली शूटिंग और निर्देशन।
- नवीनतम विषयवस्तु और प्रासंगिक कहानी।
- नए और प्रतिभाशाली कलाकारों का योगदान।
इस फिल्म की सफलता ने कई नवोदित फिल्मकारों को प्रेरित किया है कि वे भी बिना बड़े निवेश और इंडस्ट्री के सपोर्ट के नए और अनोखे विचार लेकर सामने आएं।