सूरज बरजत्या ने खोली बॉलीवुड की 90 के दशक की कहानी, जानिए फैमिली फिल्म्स का असली राज़
मशहूर निर्माता और निर्देशक सूरज बरजत्या ने Bollywood के 90 के दशक की कहानी को खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इस दौर में फैमिली फिल्म्स का बड़ा चलन था और यह वह समय था जब पारिवारिक मूल्यों और सांस्कृतिक कहानियों को फिल्मों के माध्यम से बड़े पर्दे पर दिखाया जाता था।
सूरज बरजत्या ने कहा कि 90 के दशक की फिल्मों में परिवार, प्रेम और नैतिकता को प्रमुखता दी जाती थी, जो दर्शकों तक सीधे पहुंचती थीं। उनकी फिल्मों ने कई बार समाज के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डाली और मनोरंजन के साथ-साथ एक संदेश भी दिया।
90 के दशक की फैमिली फिल्मों की खासियत
- सपाट कहानी लेकिन गहरी भावनाएं।
- पारिवारिक मुद्दों पर आधारित प्लॉट।
- सशक्त किरदार जो घरेलू संदर्भ से जुड़े होते थे।
- संगीत और गीत जो दर्शकों के मन को छू जाते थे।
उन्होंने यह भी बताया कि इस दौर में फिल्मों के जरिए संस्कृति और मूल्यों को बचाए रखने की कोशिश की गई, जो आज के समय में कुछ हद तक बदल गया है।
सूरज बरजत्या का फैमिली फिल्म्स का असली राज़
- कहानी की सरलता और स्पष्टता।
- सकारात्मक संदेश देना।
- परिवार को एक साथ लाने वाली थीम।
- सभी उम्र के दर्शकों को जोड़ने की क्षमता।
सूरज बरजत्या का मानना है कि फैमिली फिल्मों ने 90 के दशक की Bollywood में मिसाल कायम की और आज भी उनकी फिल्मों का प्रभाव देखने को मिलता है।