राम गोपाल वर्मा का बयान: ‘धुरंधर 2’ ने बॉलीवुड में शुरू किया नया filmmaking का अध्याय, पर क्यों नहीं मिल रहा पूरा क्रेडिट?
राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में अपने बयान में कहा कि उनकी फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने बॉलीवुड में एक नया filmmaking अध्याय शुरू किया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस फिल्म ने नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर भारतीय सिनेमा की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाया है।
हालांकि, वर्मा का कहना है कि फिल्म को पूरी तरह से वह क्रेडिट नहीं मिल रहा है, जो इसे मिलना चाहिए। उनका तर्क है कि ‘धुरंधर 2’ ने न केवल कहानी कहने के तरीकों को बदला, बल्कि फिल्म निर्माण की शैली और प्रस्तुति में भी एक नई मिसाल कायम की।
राम गोपाल वर्मा के बयान के मुख्य बिंदु
- नया filmmaking अध्याय: ‘धुरंधर 2’ ने बॉलीवुड में एक नई राह दिखाई।
- तकनीकी नवाचार: फिल्म में इस्तेमाल हुई नवीन तकनीकें।
- कम क्रेडिट: फिल्म को अपेक्षित प्रसिद्धि या सराहना न मिलना।
- बदला हुआ दृष्टिकोण: कहानी कहने और फिल्म निर्माण के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव।
राम गोपाल वर्मा की यह प्रतिक्रिया खासतौर पर उन आलोचकों और दर्शकों के प्रति है जिन्होंने ‘धुरंधर 2’ की तकनीकी और रचनात्मक उपलब्धियों को नजरअंदाज किया। उनकी मंशा है कि इस फिल्म की मार्केटिंग और आलोचना में बराबर की अहमियत दी जाए ताकि यह सिनेमा के इतिहास में उचित स्थान बना सके।