प्रियंका चोपड़ा का हार्वर्ड में भावुक बयां, जब वह महसूस करती थीं विदेश में अकेलापन
प्रियंका चोपड़ा ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अपने अनुभव को साझा करते हुए एक भावुक बयान दिया। उन्होंने बताया कि विदेश में रहना कभी-कभी कितना अकेलापन महसूस कराता है और उस दौर में उनकी मानसिक स्थिति कैसी रही।
उन्होंने कहा कि बाहर की दुनिया में सफलता के साथ-साथ अकेलापन भी एक चुनौती होती है। प्रियंका ने यह भी बताया कि उन्होंने किस प्रकार अपने अंदर की ताकत खोजी और खुद को संभाला।
प्रियंका चोपड़ा के इस बयान से हमें यह सीख मिलती है:
- कठिनाइयों का सामना करने के लिए धैर्य और मानसिक मजबूती जरूरी है।
- अकेलापन एक सामान्य भावना है, जिसे समझना और स्वीकार करना ज़रूरी है।
- सपनों को पाने के लिए कभी-कभी अपनी कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलना पड़ता है।
प्रियंका चोपड़ा के इस अनुभव ने युवा वर्ग को प्रेरित किया है कि वे अपने संघर्षों को सकारात्मक दृष्टि से देखें और आगे बढ़ते रहें।