करण जौहर ने ओस्कर कैंपेनिंग को बताया ‘अंतहीन खाई’, फिल्म ‘होमबाउंड’ की संघर्ष भरी यात्रा
करण जौहर, जो बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्देशक और निर्माता हैं, ने हाल ही में ओस्कर कैंपेनिंग की प्रक्रिया को “अंतहीन खाई” के रूप में वर्णित किया है। उन्होंने यह बात अपनी फिल्म ‘होमबाउंड’ की संघर्ष भरी यात्रा के संदर्भ में कही।
फिल्म ‘होमबाउंड’ को ऑस्कर अवॉर्ड के लिए प्रस्तुत करना और उसकी कैंपेनिंग करना करण जौहर के लिए एक चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया न केवल समय लेने वाली है, बल्कि इसमें बहुत मेहनत और धैर्य की आवश्यकता होती है।
करण जौहर ने इस बारे में कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के बाहरी हिस्सों में, विशेष रूप से हॉलीवुड में, ऑस्कर पुरस्कारों के लिए नामांकन और जीतना एक लंबा और कठिन सफर है। उन्होंने यह भी बताया कि इस सफर में निरंतर प्रयास और निराशाओं का सामना करना पड़ता है।
करण जौहर ने ‘होमबाउंड’ की यात्रा पर प्रकाश डाला
उन्होंने फिल्म की कहानी, निर्माण और ऑस्कर कैंपेनिंग की रणनीतियों के बारे में भी विस्तार से बताया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उल्लेख किया कि फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह की प्रतिष्ठित उपलब्धि हासिल करना कितना महत्वपूर्ण और कठिन है।
मुख्य चुनौतियाँ
- विपुल प्रयास: फिल्म को ऑस्कर तक पहुंचाने के लिए कई चरणों से गुजरना पड़ता है।
- समय और संसाधन: कैंपेनिंग के लिए समय, धन और नेटवर्किंग की आवश्यकता होती है।
- प्रतिस्पर्धा: विश्व स्तर पर तमाम फिल्मों से मुकाबला करना होता है।
इस पूरी प्रक्रिया में, करण जौहर ने यह माना कि निरंतर कोशिश और समर्पण के बिना सफलता मुश्किल है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भारतीय फिल्मों और फिल्म मेकर्स की यह यात्रा और भी सुगम होगी।